असम में 5 साल में हो जाएंगे हिंदू अल्पसंख्यक, बन जाएगा पाकिस्तान का हिस्सा

Maahi Mathur Jan 12, 2019

असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में भारी विवाद के बाद पारित हो गया. इस मौके पर असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बिल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हमें इस विधायक के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार व्यक्त करना चाहिए. क्योंकि उन्होंने असम की 18 विधानसभा सीटें जिन्ना या एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल के हाथों जाने से बचा ली.

उन्होंने आगे कहा कि धर्म के आधार पर ऐसा करना पड़ा इससे कानूनी घुसपैठ को रोका जा सकेगा. हम सभी को मालूम है कि हमारी जमीन पर मुस्लिम शरणार्थियों का कब्जा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. तृणमूल और कांग्रेस तृणमूल तो यही चाहती है कि किसी भी तरीके से जमीन पर मुस्लिमों का कब्जा हो जाए.

उन्होंने आगे कहा कि अगर इस विधेयक को पारित नहीं किया गया तो असम राज्य में मात्र 5 साल में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएगा.उन्होंने आगे कहा कि असम के इतिहास से सभी वाकिफ हैं मुस्लिम लीग जाती थी कि असम पाकिस्तान का हिस्सा बने. लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोर्दोलोई और कॉन्ग्रेस नेताओं ने तब इस कोशिश को नाकाम कर दिया था. उन्होंने आगे कहा कि अभी भी राज्य के अंदर ऐसे लोग मौजूद हैं जो इसे पाकिस्तान में शामिल करवाना चाहते हैं.

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